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बलिया : मतगणना स्थल की व्यवस्था का कड़वा सच

बलिया जनपद के तिखमपुर स्थित मंडी समिति में 17 वें लोकसभा चुनाव का मतगणना हुआ। लोकतंत्र के महा पर्व में सबकी सहभागिता अतुलनीय रही। 19 मई को सातवें व अंतिम चरण का वोट था। मतदान से लेकर मतगणना तक पुलिस प्रशासन, बाहरी फोर्स की जितनी प्रशंसा की जाय कम होगी। विशेषकर 23 मई 2019 के मतगणना व्यवस्था की बात हो तो अभी तक जितने भी चुनाव हुए उसमें सबसे अव्यवस्था दिखाई दिया। गर्मी का तापमान भी बढ़ते जा रहा था। पत्रकारों के लिए अलग से मीडिया सेंटर भी बनाया गया था। बिना पास के मंडी समिति में प्रवेश वर्जित था।नगरपालिका से लेकर संसदीय चुनाव का मतगणना तिखमपुर मंडी समिति के परिसर से ही होता रहा है। ऐसा नही कि पहली बार मतगणना हुआ। जनपद स्तर तक के अधिकारी से लेकर स्वीपर तक की ड्यूटी लगाई जाती रही है। अगर कोई कहे कि क्या अव्यवस्था थी तो उस जगह पर जो ड्यूटी में था वही बता पायेगा।

“हमारा तो दायरा ही सीमित रहा, तरसते रहे कब मिले रुझान”

जनपद का कोई ऐसा विभाग नही होगा जिसकी मतगणना में ड्यूटी न लगाई गई हो। सेवा भाव से तैनात कर्मचारी भी उमस भरी गर्मी में अपने कार्यों के प्रति सचेत रहे, ताकि चुनाव आयोग की नजर में कुछ गलत न हो जाय। पर्यवेक्षक भी समय-समय से भ्रमण करते रहे। आलम यह रहा कि सब कुछ के बावजूद पत्रकार रुझान के लिए तरसते रहे। रूझान अगर आता भी था तो विधान सभावार। हमें मीडिया सेंटर पर लोकसभा के मतगणना का रुझान जरूरी था न कि विधानसभा का रुझान। यह सवाल हम पत्रकार आपस मे ही करने लगे।

काफी प्रयास के बाद जिला निर्वाचन अधिकारी से प्रभारी सूचना अधिकारी ने पूछ कर पत्रकारों का भ्रमण कराया। जहाँ निर्वाचन विभाग द्वारा पास पर दिया गया, निर्देश भी पालन नही कराया गया। पास पर साफ शब्दों में लिखा हुआ था की गणना स्थल अंदर जाना और पुनः प्रवेश। फिर भी एक एसडीएम महोदय ने रौब दिखाया। इसकी जानकारी जब जिलाधिकारी महोदय को दी गई। कोई संज्ञान नही लिया गया। उसके बाद से मीडिया सेंटर पर बैठे पत्रकार अपने सूत्रों के माध्यम से रुझान लेते रहे।

“कर्मचारी भी दिखे असन्तुष्ट”

मतगणना के दौरान पानी नास्ता भोजन जो भी हो वाहन पर लाया जाता था। वितरण होता रहा। कभी पानी तो कभी छाछ, लस्सी। वैसे भी मतगणना स्थल पर सुबह सात बजे से हरेक विभाग लगभग तैनात हो गया था। लेकिन जो भोजन की व्यवस्था थी, उसे अगर बहुत खराब कहा जाय तो कोई अतिश्योक्ति नही होगी।

मतदाता राष्ट्र हित, देश हित में मतदान किये। वहीं उसी सेवा भाव से मंडी समिति परिसर में मतगणना कार्य पर मतगणना कर्मी भी लगे थे। सोचना चाहिए कोई पेट घर पर नही रखकर गया था या इसके पहले भी मतगणना उक्त मंडी समिति में हुआ है। व्यवस्था के बारे में अनीभिज्ञता थी तो कम से कम जानकारी ले लेनी चाहिए थी। वहाँ ड्यूटी पर तैनात कोई कर्मचारी सन्तुष्ट नही दिखा। व्यवस्थापक जो भी रहा हो। ये तो मुझे नही पता। परन्तु ख्याल रखना जरूरी था।

बलिया से वरिष्ठ पत्रकार नरेन्द्र मिश्र की फेसबुक वाल से

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