Breaking News
Home » अपनी बात » आप भी जानें, फूलों के रास्ते धरती पर उतरता है बसंत

आप भी जानें, फूलों के रास्ते धरती पर उतरता है बसंत

बसंत पंचमी, बसंत ऋतु की शुरुआत है। इस समय प्रकृति अपने सौंदर्य के शिखर पर होती है। प्रकृति पर पीले रंग की चादर बिछने लगती है। आम के पेड़ों पर नए बौर आते हैं। सरसों लहलहाती है। तितलियों के मंडराने का ये सबसे श्रेष्ठ समय है। पेड़ों के पत्ते पीले पड़ने लगते हैं। इस कारण ही केसरिया या पीले रंग को बांसती रंग भी कहते हैं।

प्रकृति के इस निखार को तुलसीदास से लेकर निराला तक ने अपने शब्दों में पिरोया है। सारी ऋतुओं में बसंत को राजा कहा गया है। भगवत गीता में कृष्ण ने खुद को ऋतुओं में बसंत कहा है। इससे ही आप इस उत्सव और इस ऋतु का महत्व समझ सकते हैं।

बसंत अनुराग की मीठी छुअन को प्रतिबिंबित करता है। पत्थरों में महक नहीं आती, लेकिन सांसों में खुशबू समा जाती है। इस बात से फर्क नहीं पड़ता कि खुशबू गुलाब की पंखुड़ियों की है या सरसों के साग की। महकना अनिवार्य है। स्वयं के लिए भी और दूसरों के लिए भी।

बसंत मीठे नशे का नाम है, शरद और ग्रीष्म की वय: संधि का नशा…। बीज के पुष्ट होने के रोमांंच से पहले कुसुमित होने का नशा…। राग की अनुभूतियों के जागने और कविता के फूट पड़ने का नशा…। यह वो नशा है जो पीले रंग के मन में उतरने के बाद चढ़ता है।

प्रकृति के फिर से सजने संवरने और मादकता में गोते लगाने वाला बसंत…। जब फूल पुरवाई हवा में लहराकर इतराना शुरू करते हैं। बसंत में सबसे ज्यादा याद आता है गांव, यहीं तो पसरा होता है बसंत। दिन निकलने से पहले ही खेत में खुशबू बटोरने पहुंच जाना…। सरसों के फूल निहारना और मटर की फलियां बीनना।

बसंत अकेलेपन का साक्षी नहीं है। वह वीतरागी है…। हर जीव को समान भाव से देखता है। गरीब-अमीर में भेदभाव नहीं करता। अदना सा सरसों का फूल भी उसके लिए महत्वपूर्ण है और वट वृक्ष भी। बसंत आता रहेगा और हम उसे अपने घरों में ले आते रहेंगे, क्योंकि उसे लहलहाती फसलों में मधुकण घोलने हैं। बसंत को आते रहना है, क्योंकि हम सबको इतराने का बहाना चाहिए।

Share With :
Do Not Forgot To subscribe Purvanchal24 Youtube Offcial Channel
Do Not Forgot To subscribe Purvanchal24 Youtube Offcial Channel
Do Not Forgot To subscribe Purvanchal24 Youtube Offcial Channel
Do Not Forgot To subscribe Purvanchal24 Youtube Offcial Channel

About Poonam ( चीफ इन एडीटर )

चीफ इन एडीटर

Check Also

बेलगाम बोल का भयावह शक्ल

बेलगाम बोल व बदमिजाज कार्यप्रणाली कितना भयावह शक्ल अख्तियार कर सकती है, यह सुभासपा के …

Copy Protected by Chetan's WP-Copyprotect.