Breaking News
Home » धर्म-कर्म » गायत्री मंत्र से सर्वांगीण विकास एवं विश्व का कल्याण सम्भव : डॉ. प्रणव पण्डया

गायत्री मंत्र से सर्वांगीण विकास एवं विश्व का कल्याण सम्भव : डॉ. प्रणव पण्डया

बलिया। गायत्री शक्ति पीठ महावीर घाट, बलिया द्वारा आयोजित 108 कुण्डीय महायज्ञ में पधारे देव संस्कृति विश्वविद्यालय हरिद्वार के कुलाधिपति डा. प्रणव पण्डया ने कहा कि जो प्राणों की रक्षा करे वह गायत्री मंत्र है। जो हमारा उद्धार करे वह गायत्री मंत्र है। जो हमें सत्य के मार्ग पर ले जाए, वह गायत्री मंत्र है। जो हमें संस्कारवान, विचारवान, सत्यनिष्ठ एवं परोपकारी बनाए वह गायत्री मंत्र है।

डा. प्रणव पण्डया ने कहा कि हमारा मन समस्याओं में भटकता रहता है। परिस्थितियों से भी मजबूत होता है हमारा मन। इसलिए मन को व्यर्थ में भटकने नहीं देना चाहिए। यदि परमात्मा आपको अवसर दिए हैं तो भगवान को मन में बसा लें और यह गायत्री मंत्र से ही हो सकता है।गायत्री मंत्र पारस है। गायत्री मंत्र अमृत है। जो इस अमृत का पान कर लिया, उसका बेड़ा पार हो जायेगा।उन्होंने कहाकि गायत्री मंत्र एक साधना है। इस साधना में जो लीन हो गया, वह भगवान में लीन हो गया। गायत्री मंत्र में इतना बल है कि उससे सब कुछ साधा जा सकता है। यदि कोई पारस पत्थर है तो वह गायत्री मंत्र ही है।

डा. पण्डया ने कहा कि आज हमारा समाज जातिवाद में इतना उलझा है कि सब कुछ तहस-नहस हो रहा है। इसे हमें मिटाना होगा। हमारी भारतीय संस्कृति कभी जातिवाद की पोषक नहीं रही। भारतीय संस्कृति में लोगों को गुणों के आधार पर पूजा जाता रहा है, चाहें वह व्यक्ति किसी भी जाति का हो। हमें समाज से विभेद को मिटाना है। गायत्री मंत्र की साधना से ही समाज से बुराईयों को मिटाया जा सकता है।डा. पण्डया ने सबको आगाह करते हुए कहा कि हृदय की दुर्बला के कारण हम मनोरोगी हो रहे हैं। इन सबका समाधान गायत्री मंत्र में निहित है। गायत्री मंत्र की साधना से रोगग्रस्त शरीर को निरोगी बनाया जा सकता है और सभी दुःखों से छुटकारा पाया जा सकता है। गायत्री मंत्र ब्रह्मास्त्र का काम करता है। हमें इस ब्रह्मास्र को पहचानना होगा।

गायत्री मंत्र के शक्ति को पहचान, जान एवं साधना कर ही सर्व बाधा से मुक्ति प्राप्त हो सकती है। गायत्री मंत्र से ही हमारा सर्वांगीण विकास हो सकता है एवं विश्व का कल्याण हो सकता है। डा. प्रणव पण्डया ने महर्षि भृगु की महिमा का गुणगान करते हुए बलियावासियों से अपने आशिर्वचन के रूप में गायत्री मंत्र की साधना कर समाज में एकता, एकरूपता, समरसता, समानता, सहृदयता, स्वच्छता एवं सहयोग की भावना विकसित करने का आशिर्वाद दिया।

साकेत सिंह की धर्मपत्नी ने किया महादान

गायत्री शक्ति पीठ पर भाजपा नेता साकेत सिंह जहां पूरी तन्मयता से सेवाभाव में जुटे नजर आये, वही उनकी धर्मपत्नी समाजसेवी संध्या सिंह ने रक्त का माह दान कर समाज में एक अलग संदेश देने का कार्य किया।

वोलेंटियर टीम में अनिल और सुनील सुरक्षा प्रमुख

महावीर घाट स्थित मां गंगे की गोद स्थापित गायत्री शक्ति पीठ पर 108 कुन्डीय गायत्री महायज्ञ में बलिया के अलावा अन्य जनपदों से पधारे गायत्री परिजनों की सुरक्षा व सुविधा के लिए वोलेंटियर टीम बनाई गई है।सुरक्षा प्रमुख पं.अनिल द्विवेदी व सह सुरक्षा प्रमुख आचार्य सुनील द्विवेदी की देख-रेख में यह टीम जिम्मेदारी निभा रहे हैं। इस वोलेंटियर टीम में दो दर्जन से युवाओं को शामिल किया गया है। इसमें अजीत द्विवेदी, आदित्य यादव, क्षितिज तिवारी, कृष्णा यादव, प्रदीप दुबे छोटक, दिलीप यादव, दीपक गुप्ता, दीपक यादव, प्रेमशंकर दुबे, अभिषेक यादव आदि शामिल हैं।

डॉ. प्रणव पण्डया के पहुंचते ही गूंजा गायत्री मंत्र

गायत्री शक्तिपीठ महावीर घाट पर चल रहे चार दिवसीय 108 कुंडीय गायत्री महायज्ञ के तीसरे दिन अखिल गायत्री परिवार के प्रमुख डॉ. प्रणव पांड्या का आगमन जैसे ही यज्ञ स्थल पर हुआ, पूरा पंडाल गायत्री मंत्रोच्चार से गूंज उठा। गंगा तट के समीप आयोजित कार्यक्रम में बलिया ही नहीं, बल्कि प्रदेश के विभिन्न जनपदों से गायत्री परिवार की महिलाएं, बच्चे व पुरूष यज्ञमंडप में बैठकर जहां गायत्री परिवार के विद्वानों के प्रवचन सुना, वहीं सुबह नौ बजे से दोपहर तक यज्ञमंडप में बैठकर हवन भी किया।

लंबे-चौड़े क्षेत्रफल में विकसित गायत्री शक्तिपीठ उस समय आकर्षण का केन्द्र बना, जब देर शाम पूरा पंडाल दीप एवं रोशनियों से जगमगा उठा। श्रद्धालुओं के हाथों से जैसे ही दीप जला, पूरा पंडाल रोशनीमय हो गया। आकर्षण का केन्द्र बना गायत्री शक्तिपीठ महावीर घाट में नगर के प्रमुख लोग भी शामिल हुए। आयोजन स्थल पर हरिद्वार, वृन्दावन, अयोध्या से पूजन सामग्री की सजी दुकानों पर भी श्रद्धालुओं ने जमकर खरीदारी की। रविवार को पूरा यज्ञमंडप श्रद्धालुओं से भरा रहा। जोनल प्रभारी प्रसेन सिंह, विजेन्द्र नाथ चौबे, साकेत सिंह सोनू, पूनम पाण्डेय, विनोद कुमार सिंह, ओमजी हंस, शिवकुमार कौशिकेय, राकेश अग्रवाल आदि डॉ. प्रणव पांड्या का स्वागत किया। संचालन डॉ. विजयानंद पांडेय ने किया।

रीढ की हड्डियों में 33 प्रकार के देवता विराजमान

गायत्री शक्ति पीठ पर यज्ञ हवन में सैकड़ों गायत्री परिजनों ने सपरिवार हिस्सा लेकर आहुतियां दी। शान्ति कुन्ज हरिद्वार से आये यज्ञाचार्य ने विधिवत वैदिक मत्रोचार के द्वारा देवों का आवाह्न किया। इस दौरान यज्ञाचार्य नमोनारायण पान्डेय ने बताया कि 33 करोड़ नहीं बल्कि कोटि के देवता होते हैं। गायत्री विज्ञान ग्रन्थ के मुताबिक ये 33 प्रकार के देवता सुक्ष्म रुप से रीढ़ के हड्डियों की 33 गाठों में विराजमान रहते हैं।

Share With :
Do Not Forgot To subscribe Purvanchal24 Youtube Offcial Channel
Do Not Forgot To subscribe Purvanchal24 Youtube Offcial Channel
Do Not Forgot To subscribe Purvanchal24 Youtube Offcial Channel
Do Not Forgot To subscribe Purvanchal24 Youtube Offcial Channel

About Poonam ( चीफ इन एडीटर )

चीफ इन एडीटर

Check Also

बलिया : मतगणना परिसर में प्रत्याशी/अभिकर्ता नहीं ले जा सकेंगे ये सामान

बलिया। लोक सभा सामान्य निर्वाचन 2019 का मतगणना भारत निर्वाचन आयोग द्वारा अनुमोदित मतगणना स्थल …

Copy Protected by Chetan's WP-Copyprotect.