Home » लखनऊ » पुरानी पेंशन बहाली को कर्मचारी-शिक्षक-अधिकारी मंच ने फूंका आंदोलन का बिगुल, जानें पूरा कार्यक्रम

पुरानी पेंशन बहाली को कर्मचारी-शिक्षक-अधिकारी मंच ने फूंका आंदोलन का बिगुल, जानें पूरा कार्यक्रम

लखनऊ। कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारी पुरानी पेंशन बहाली मंच ने पुरानी पेंशन बहाली के लिए एक बार फिर आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। पत्रकारों से बातचीत कर मंच के नेताओं ने प्रदेश स्तरीय आन्दोलन और हड़ताल की घोषणा की।

मंच के प्रदेश अध्यक्ष डा. दिनेश चन्द शर्मा, संयोजक हरि किशोर तिवारी व पीसीएस एसोसियेशन के पूर्व अध्यक्ष बाबा हरदेव सिंह ने बताया कि 21 जनवरी को जिलों में धरना प्रदर्शन, 28 जनवरी को प्रदेश के सभी जनपद मुख्यालय पर मशाल जुलूस और 6 फरवरी से 12 फरवरी तक साप्ताहिक ऐतिहासिक महाहड़ताल के साथ ही 12 फरवरी को महाआन्दोलन की घोषणा की जाएगी।

मंच के पदाधिकारियों ने बताया कि मंच ने सरकार की मंशा के अनुरूप पूरा समय दिया। सरकार पुरानी पेंशन बहाली के लिए बनाई गई समिति उच्च न्यायालय को भी अवगत करा चुकी है। मंच की पुरानी पेंशन बहाली के लिए हुई प्रान्तीय रैली के उपरान्त मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर कर्मचारी और शिक्षक नेताओं के प्रतिनिधि तथा शासन के आला अफसरों की आठ सदस्यीय समिति बनाई गई थी। अंतिम चरण की बैठक में मंच के नेताओं के अनुरोध पर मुख्य सचिव ने प्रमुख सचिव सूचना अवनीश अवस्थी को भी इस समिति का नौंवा सदस्य नामिति किया था।

समिति की अध्यक्षता अपर मुख्य सचिव, नियुक्ति एवं कार्मिक, अध्यक्ष पीएफआरडीए की सहमति के उपरान्त उनके प्रतिनिधि, अपर मुख्य सचिव नियोजन, अपर मुख्य सचिव वित्त, प्रमुख सचिव न्याय को सदस्य और निदेशक पेंशन को सदस्य सचिव तथा कर्मचारी शिक्षक-अधिकारी मंच की तरफ से डा. दिनेश चन्द शर्मा और हरि किशोर तिवारी को विशेष आमंत्रित सदस्य बनाया गया था। इन दो माह के अंदर जो भी बैठक हुई, उसमें मंच के नेताओं ने अपना पक्ष पुरजोर तरीके से रखा।

मंच द्वारा मुख्य सचिव के समक्ष पुरजोर तरीके से यह तर्क रखा गया कि नई पेन्शन योजना 14 वर्षो तक सही स्थिति में नही आ पाई है उस पर विश्वास नहीं किया जा सकता। ऐसी स्थिति में कर्मचारी और शिक्षकों के साथ अधिकारी संवर्ग को 01 अप्रैल 2005 से पूर्व लागू पुरानी पेंशन योजना ही स्वीकार होगी। मंच की तरफ से इस मामले में समिति का तयशुदा समय समाप्त होने तथा कोई निर्णय न होने के स्थिति पर सीधे मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा कि नई पेंशन व्यवस्था विगत 14 वर्षों में फलीभूत न हो सकी।

ऐसे में कार्मिकों का सेवानिवृत्त भविष्य अनिश्चितता से परिपूर्ण है। लोग सेवानिवृत्ति के बाद 700 और 800 रूपये प्रतिमाह पेंशन पाते दिखाई पड़ रहे है, जबकि सरकार कह रही है कि नई पेंशन में कर्मचारियों को पहले से अधिक आर्थिक लाभ मिलेगा। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि 2014 के संसदीय चुनाव से पूर्व नोटा प्रयोग करने के तहत आप सहित प्रधानमंत्री श्री मोदी और तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष वर्तमान गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने भी सहमत होते हुए वादा किया गया था, लेकिन पाॅच वर्ष बीतने के बाद भी कोई निर्णय नही लिया गया।

प्रान्तीय रैली में आपके हस्तक्षेप के उपरान्त उसी दिन उप मुख्यमंत्री डा. दिनेश शर्मा और मुख्य सचिव डा. अनुप चन्द पाण्डेय के बीच विचार विमर्श किया गया, तब से अब तक आपके निर्देश पर बनी समिति और मुख्य सचिव स्तर पर लगातार मंच के नेताओं द्वारा वार्ता और बैठके जारी रही, लेकिन अंतिम बैठक तक शासन का रूख पुरानी पेंशन बहाली प्रकरण पर नकारात्मक रहा।

प्रेस वार्ता में शिक्षक दल के नेता महेन्द्र नाथ राय, अटेवा के मंत्री प्रदीप सिंह, उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के संजय सिंह, शिव शंकर पाण्डेय, सुधांषु मोहन, अधिकारी महापरिषद के प्रधान महासचिव डाॅ. एसके सिंह, श्रीमती इन्द्रासन सिंह, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के महामंत्री शिवबरन सिंह यादव, संजीव गुप्ता, बीएस डोलिया, अविनाष चन्द्र श्रीवास्तव, सुभाष चन्द्र तिवारी, अमिता त्रिपाठी, मीडिया प्रभारी मनोज कुमार श्रीवास्तव इत्यादि पदाधिकारी मौजूद रहे

Share With :
Purvanchal24 welcomes you || For Advertisement on purvanchal24 Call on 9935081868
Purvanchal24 Welcomes You
Do Not Forgot to subscribe Purvanchal24 Youtube Channel
Purvanchal24 Welcomes You

About Poonam ( चीफ इन एडीटर )

चीफ इन एडीटर

Check Also

69000 शिक्षक भर्ती: रिजल्ट पर रोक, कोर्ट सख्त

लखनऊ। सहायक शिक्षकों के 69 हजार पदों पर भर्ती के लिए हुई 6 जनवरी की …

error: Content is protected !!